Pardafas news 24×7 महराजगंज। जिले में सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने नियमित वेतन भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी संघ की जिला इकाई महराजगंज ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि नियमित वेतन भुगतान की व्यवस्था नहीं की गई, तो 30 अक्टूबर 2026 से समितियों में संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू किया जा सकता है। इसके साथ ही सामूहिक त्यागपत्र देने की प्रक्रिया भी अपनाने की चेतावनी दी गई है।
संघ की ओर से 18 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रदेश संगठन ने 12 अक्टूबर को ही संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर पैक्स कर्मचारियों के नियमित वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद संगठन के अनुसार अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वेतन भुगतान की समस्या के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है और उनकी आर्थिक परेशानियां भी लगातार बनी हुई हैं।
जिला इकाई ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप करते हुए कर्मचारियों की एक सूत्रीय मांग पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। संगठन का कहना है कि नियमित वेतन भुगतान की व्यवस्था होने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और सहकारी समितियों का कामकाज भी सुचारु रूप से चलता रहेगा। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को मजबूरी में आगे बढ़ाने की चेतावनी दी गई है।
प्रदेश स्तर पर भी आंदोलन की तैयारी
नियमित वेतन भुगतान का मुद्दा केवल महराजगंज तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश बी-पैक्स कर्मचारी महासंघ ने भी प्रदेश स्तर पर इस मांग को उठाया है। संगठन की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में अधिकारियों को पहले किए गए पत्राचार का हवाला देते हुए कहा गया है कि वेतन भुगतान को लेकर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदेश संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 27 अक्टूबर 2026 तक नियमित वेतन भुगतान की व्यवस्था नहीं की जाती है, तो कर्मचारियों के दबाव को देखते हुए 1 नवंबर 2026 से सामूहिक इस्तीफे और संपूर्ण कार्य बहिष्कार का कदम उठाया जा सकता है।
सहकारी समितियों का कामकाज प्रभावित होने की आशंका
कर्मचारियों की ओर से घोषित आंदोलन लागू होने की स्थिति में सहकारी समितियों से जुड़ी सेवाओं और दैनिक कार्यों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में कर्मचारियों की मांग और प्रस्तावित कार्य बहिष्कार को लेकर प्रशासन तथा सहकारिता विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रशासन या सहकारिता विभाग की ओर से इस
मामले में किसी आधिकारिक निर्णय अथवा प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कर्मचारियों की नियमित वेतन भुगतान की मांग पर कब तक निर्णय लिया जाता है और प्रस्तावित आंदोलन को टालने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।