रिपोर्ट – मनोज कुमार तिवारी
महराजगंज।
प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं के रोजाना बचे हुए इंटरनेट डेटा को अगले दिन के कोटे में जोड़ने की मांग उठी है। अधिवक्ता एवं बॉर्डर लॉयर्स ट्रस्ट के सह-संस्थापक विनय कुमार पाण्डेय ने केंद्रीय संचार मंत्री, भारत सरकार को शिकायत सह जनहित निवेदन भेजकर इस संबंध में नीतिगत बदलाव की मांग की है।
विनय कुमार पाण्डेय ने निवेदन में कहा है कि जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया सहित प्रमुख दूरसंचार कंपनियां प्रतिदिन निर्धारित डेटा वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान उपलब्ध कराती हैं। इन प्लान के लिए उपभोक्ता अग्रिम भुगतान करते हैं, लेकिन निर्धारित समय में डेटा का पूरा उपयोग नहीं होने पर बचा हुआ डेटा सामान्यतः समाप्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था पर उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार किया जाना चाहिए। विशेष रूप से ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में नेटवर्क की अस्थिरता के कारण कई बार उपभोक्ता अपने दैनिक डेटा का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे में उन्हें रिचार्ज के पूरे लाभ से वंचित रहने की शिकायत रहती है।
DoT और TRAI से हस्तक्षेप की मांग
निवेदन के माध्यम से केंद्रीय संचार मंत्री से अनुरोध किया गया है कि दूरसंचार विभाग (DoT) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) इस विषय पर विचार करें। मांग की गई है कि प्रीपेड ग्राहकों के बचे हुए डेटा को अगले दिन के कोटे में जोड़ने या रिचार्ज की वैधता अवधि तक सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त नीति बनाने पर विचार किया जाए।
पाण्डेय ने उम्मीद जताई कि सरकार उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक पहल करेगी। फिलहाल, इस प्रस्ताव पर सरकार या नियामक की ओर से किसी निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।