कुशीनगर जनपद की इंडियन पोटाश लिमिटेड इकाई खड्डा चीनी मिल ने किसान हित और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। मिल प्रबंधन द्वारा दिनांक 17 जनवरी 2026 को जानकारी दी गई कि 7 जनवरी 2026 तक का संपूर्ण गन्ना मूल्य किसानों के खातों में भुगतान कर दिया गया है।

शासन द्वारा निर्धारित 14 दिन के अंतराल में गन्ना मूल्य भुगतान की व्यवस्था के अंतर्गत जहां 7 जनवरी तक किसानों का देय गन्ना मूल्य 42.45 करोड़ रुपये था, वहीं खड्डा चीनी मिल ने इससे अधिक 45.90 करोड़ रुपये का भुगतान कर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। यह तथ्य इस बात को स्पष्ट करता है कि मिल प्रबंधन ने न केवल समयबद्ध भुगतान किया, बल्कि निर्धारित समय से पूर्व भुगतान कर कृषकों को सीधा लाभ पहुंचाया है।
गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर प्रदेश की जनपद महराजगंज गडौरा चीनी मिल में किसान आंदोलनों, चक्का जाम और मिल बंदी जैसी स्थितियां देखने को मिल रही हैं, वहीं खड्डा चीनी मिल का यह कदम अन्य मिलों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है। समय से भुगतान होने के कारण क्षेत्रीय किसानों में संतोष और विश्वास का वातावरण बना हुआ है।

कृषक संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत गन्ना प्रबंधक द्वारा क्षेत्र के किसानों से प्रत्यक्ष संवाद किया गया। इस दौरान किसानों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गईं तथा कैलेंडर भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गन्ना आपूर्ति में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य संसाधनों पर रिफ्लेक्टर लगाए गए, जिससे रात्रिकालीन दुर्घटनाओं को रोका जा सके। यह पहल मिल के सामाजिक उत्तरदायित्व को भी दर्शाती है।

मिल प्रशासन द्वारा यह भी बताया गया कि पांचवें पक्ष से कैलेंडरिंग हुई अतिरिक्त सट्टा पर्चियों की कटाई 16 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। किसानों से अपील की गई है कि वे साफ-सुथरा और ताजा गन्ना फैक्ट्री में आपूर्ति करें, जिससे किसान और मिल दोनों को लाभ मिल सके।

खड्डा चीनी मिल ने यह सिद्ध कर दिया है कि किसान और फैक्ट्री एक-दूसरे के पूरक हैं। पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और किसान हितैषी सोच के साथ खड्डा चीनी मिल ने प्रदेश की चीनी उद्योग व्यवस्था में एक नई मिसाल कायम की है।यदि आप चाहें तो मैं इसे और आक्रामक हेडलाइन, संक्षिप्त संस्करण, या प्रेस नोट/सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में भी ढाल सकता हूँ।