22 अप्रैल 2026
इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद महराजगंज जनपद में एक भूमि विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। आरोप है कि कुछ निजी व्यक्तियों द्वारा न्यायालय के आदेश की अनदेखी करते हुए विवादित जमीन पर कब्जा करने और फसल नष्ट करने की कोशिश की गई।



यह मामला ग्राम सभा मथनिया, तहसील सदर से जुड़ा है, जहां सुरेश पुत्र मोहर के नाम वर्ष 1987 में भूमि का पट्टा आवंटित हुआ था। बाद में इस पट्टे को प्रशासन द्वारा निरस्त कर दिया गया, जिसके खिलाफ सुरेश ने हाईकोर्ट में रिट याचिका संख्या 2012/2026 दायर की। मामले की सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने 24 मार्च 2026 को कमिश्नर का आदेश निरस्त कर दिया और पुनः सुनवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही, यथास्थिति बनाए रखने का भी आदेश दिया गया था।
इसी बीच पीड़ित पक्ष के अनुसार, ग्राम पंचायत मथनिया के प्रधान ब्रह्मानन्द पटेल एवं अन्य लोगों द्वारा उक्त भूमि पर पहुंचकर जबरन कब्जे का प्रयास किया गया। आरोप है कि प्रार्थी द्वारा बोई गई मक्का की फसल को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जिससे विवाद और बढ़ गया।
पीड़ित के पुत्र उमाशंकर प्रसाद ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए आयुक्त, गोरखपुर मंडल को प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामला अभी आयुक्त स्तर पर विचाराधीन है, बावजूद इसके इस प्रकार की गतिविधियां न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन हैं।
स्थानीय प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि वह न्यायालय के आदेश का सख्ती से पालन कराते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखे। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है या नहीं।