रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी
- नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच शाहदरा थाने में हुए विवाद ने अब भी नया मोड़ ले लिया है। सोमवार, 2 नवंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय (PHQ) के बाहर हुए पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने ACP मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सूत्रों के हवाले से सामने आई इस खबर ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय ने पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन को गंभीरता से लिया। मंत्रालय की नाराजगी की एक वजह ACP मनस्वी वशिष्ठ का प्रदर्शन के दौरान दिया गया कथित आक्रामक भाषण भी बताया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि विभागीय फैसलों के विरोध में सार्वजनिक प्रदर्शन करना पुलिस बल की अनुशासन व्यवस्था और छवि को प्रभावित कर सकता है।
दरअसल, 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में हुए विवाद के दौरान अधिवक्ता ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई थी। वकीलों ने आरोप लगाया था कि मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचे अधिवक्ताओं को ACP मनस्वी वशिष्ठ ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर दिखाकर धमकाया। इसके विरोध में दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी।
28 अक्टूबर को ACP मनस्वी वशिष्ठ का गांधी नगर सब-डिवीजन से SPUWAC और शाहदरा थाना प्रभारी अरुण कुमार का सुरक्षा इकाई में तबादला कर दिया गया। इसके बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।
हालांकि, दोनों अधिकारियों के तबादले से दिल्ली पुलिस के एक वर्ग में नाराजगी फैल गई। 2 नवंबर को सैकड़ों पुलिसकर्मी PHQ के बाहर जुटे और दोनों अधिकारियों की पुरानी तैनाती पर बहाली तथा वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश और बैठकों के बाद प्रदर्शन शांत हुआ। अब ACP के कथित निलंबन की खबर ने पूरे विवाद को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, निलंबन आदेश की आधिकारिक पुष्टि और उसके विस्तृत कारणों का इंतजार है।
पर्दाफाश न्यूज़ 24×7 के लिए सुझाव: इस खबर को प्रकाशित करने से पहले ACP के निलंबन संबंधी आधिकारिक आदेश की पुष्टि जरूर कर लें, ताकि खबर पूरी तरह तथ्यात्मक और कानूनी रूप से सुरक्षित रहे।