रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी
महराजगंज। तहसील सदर में दाखिल-खारिज (नामांतरण) की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस संबंध में शिकायतकर्ता श्रवण कुमार वर्मा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर तहसील में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर विनोद की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में कंप्यूटर ऑपरेटर विनोद का पूरा नाम, पदनाम, नियुक्ति की स्थिति और कार्यक्षेत्र स्पष्ट कराने की मांग की है। साथ ही यह भी पता लगाने का अनुरोध किया है कि संबंधित ऑपरेटर नियमित कर्मचारी है अथवा संविदा या आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत है।

शिकायत में दाखिल-खारिज कराने वाले आवेदकों से निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त धनराशि मांगे जाने की आशंका जताई गई है। इसको लेकर यह भी जांच कराने की मांग की गई है कि कंप्यूटर ऑपरेटर को आवेदकों से नकद या ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने का कोई आधिकारिक अधिकार प्राप्त है अथवा नहीं।
श्रवण कुमार वर्मा ने पिछले तीन वर्षों के दाखिल-खारिज से संबंधित शिकायतों, ऑनलाइन अभिलेखों, डिजिटल लॉग, शुल्क भुगतान के विवरण और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने जांच के दौरान संबंधित सरकारी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि मामले की जांच किसी सक्षम एवं निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए और यदि जांच में अवैध वसूली या अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, शिकायत पर जिलाधिकारी स्तर से होने वाली कार्रवाई और प्रशासनिक जांच के परिणाम का इंतजार है।