NMMS ऐप में मनरेगा का बड़ा खेल: 10 मजदूर, 15 मास्टर रोल और 133 लेबर दिखाकर सरकारी धन की बंदरबांट

महराजगंज जनपद के मिठौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मठिया में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। एनएमएमएस (NMMS) ऐप के माध्यम से दर्ज की गई दैनिक उपस्थिति और अपलोड की गई ग्रुप फोटोज़ ने मनरेगा की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

प्राप्त दस्तावेज़ों व एनएमएमएस ऐप के विवरण के अनुसार, एक ही दिनांक 24 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत मठिया/मथिना में दो अलग-अलग कार्य दिखाए गए हैं। पहले कार्य में खेत से खेत तक रास्ता/नाली खुदाई कार्य दर्शाया गया है, जबकि दूसरे कार्य में नहर खुदाई से संबंधित कार्य अंकित है। दोनों ही कार्यों में अलग-अलग मास्टर रोल दिखाए गए हैं, जिनकी संख्या करीब 15 मास्टर रोल बताई जा रही है।

चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी मास्टर रोल में कुल मिलाकर 133 मजदूरों को कार्य करते हुए दर्शाया गया है, जबकि ग्रुप फोटोज़ में वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल उलट है। तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि लगभग वही 10 महिला और पुरुष मजदूर बार-बार हर मास्टर रोल में दिखाए गए हैं। न तो मजदूरों के हाथों में कुदाल है, न ही टोकरी या किसी प्रकार का कार्य उपकरण दिखाई देता है, फिर भी इन्हें पूर्ण रूप से कार्यरत दर्शाकर उपस्थिति दर्ज की गई है।

एनएमएमएस ऐप में अपलोड की गई तस्वीरों में मजदूर केवल खड़े दिखाई देते हैं, जिससे यह संदेह और गहराता है कि वास्तविक कार्य न होकर केवल फोटो खींचकर उपस्थिति दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, एक ही व्यक्ति को अलग-अलग मास्टर रोल में अलग-अलग नाम/कार्ड नंबर के साथ दर्शाए जाने की भी आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा जैसी गरीबों को रोजगार देने वाली योजना में इस तरह का फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा है। वास्तविक मजदूरों को काम और मजदूरी नहीं मिलती, जबकि कागजों और ऐप में फर्जी उपस्थिति दिखाकर सरकारी धन की निकासी कर ली जाती है।

यह मामला न सिर्फ ग्राम पंचायत स्तर पर लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि ब्लॉक और जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है। यदि समय रहते इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो मनरेगा योजना अपने मूल उद्देश्य से भटकती रहेगी।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या दोषियों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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