ब्यूरो: महराजगंज | रविन्द्र मिश्रा | पर्दा फाश न्यूज
नगर पंचायत चौक स्थित ऐतिहासिक गोरक्षनाथ मंदिर में लगने वाले परंपरागत खिचड़ी मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। इसी क्रम में जिलाधिकारी संतोष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने संयुक्त रूप से गुरु गोरखनाथ मंदिर परिसर एवं आसपास के मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा तथा निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े किए जाएंगे। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए बैरिकेडिंग और डायवर्जन प्लान को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी, कंट्रोल रूम की सक्रियता और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए नियमित साफ-सफाई, कूड़ानिस्तारण और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्थ कैंप, खोया-पाया केंद्र, हेल्प डेस्क और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को अनिवार्य बताया गया। अग्निशमन सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग को मेला परिसर में पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था, प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती और फायर टेंडर के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आग से बचाव को लेकर लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने पुलिस बल को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगाह, लगातार गश्त, प्वाइंट ड्यूटी पर अनुशासन और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भगदड़ की आशंका को देखते हुए भीड़ नियंत्रण, लाउडस्पीकर से निरंतर दिशा-निर्देश और खोया-पाया केंद्र के प्रभावी संचालन पर विशेष बल दिया गया।
निरीक्षण के अंत में दोनों अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। प्रशासन की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि इस बार खिचड़ी मेला सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु–अनुकूल बनाने के लिए हर स्तर पर ठोस तैयारियां की जा रही हैं।