रिपोर्ट – मनोज कुमार तिवारी
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 500-500 रुपये के नोटों के 150 से अधिक बंडल दिखाई दे रहे हैं। करीब 20 सेकंड के इस वीडियो में एक व्यक्ति फ्लैश लाइट बंद करने को कहता सुनाई देता है और यह दावा करता है कि उसने “मंत्री जी” का नोटों के बंडल वाला वीडियो बना लिया है। वीडियो में एक भाजपा नेता भी नजर आ रहे हैं, जिसके बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद संबंधित भाजपा नेता ने इन पैसों से अपना कोई भी संबंध होने से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रहे नोट असली नहीं हैं, बल्कि कागज के टुकड़े हैं। उन्होंने पूरे मामले को तंत्र-मंत्र और जालसाजी से जोड़ते हुए दावा किया है कि कुछ तांत्रिकों ने उन्हें जमीन दिलाने के नाम पर फंसाया और करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
भाजपा नेता का आरोप है कि ठगी करने वाले लोग अब पैसे वापस न करने के लिए नकली नोटों का वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। उनका कहना है कि वीडियो में जो भी दिखाया जा रहा है, वह पूरी तरह से साजिश का हिस्सा है। हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि वीडियो कब और कहां बनाया गया, तो वे इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा के जिला मंत्री गौतम तिवारी ने कुछ पत्रकारों को बुलाकर इस पूरे मामले पर सफाई दी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वीडियो बनारस के एक व्यक्ति द्वारा बनाया गया है और उसमें दिखाया गया पैसा असली नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह तंत्र-मंत्र करने वालों की करतूत है और इसका उनके या पार्टी के किसी भी हवाला या अवैध कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में भाजपा नेता ने यह भी स्वीकार किया कि उनके साथ लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। उनके मुताबिक, पांच से छह लोगों ने मिलकर जमीन दिलाने के नाम पर उनसे यह रकम ली थी। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उन्होंने कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दे दिया है और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

जब उनसे यह पूछा गया कि सोशल मीडिया पर वीडियो में दिख रहे पैसे को हवाला कारोबार से जोड़ा जा रहा है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि वीडियो में दिखाया गया पैसा नकली है और हवाला का कोई मामला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वे सही तरीके से जिंदगी जीना चाहते हैं और पुलिस जांच से सच्चाई सामने आएगी।
हालांकि, इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पर्दाफाश न्यूज 24×7 ने कोतवाली इंस्पेक्टर निर्भय सिंह से संपर्क किया। इंस्पेक्टर निर्भय सिंह ने बताया कि कोतवाली में इस तरह का कोई भी प्रार्थना पत्र या शिकायत अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत मिलती है, तो उसके आधार पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, वायरल वीडियो और भाजपा नेता के दावों के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच का विषय बना हुआ है। एक ओर नेता इसे तंत्र-मंत्र और ठगी का मामला बता रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस के पास अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं पहुंची है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि वायरल वीडियो में दिख रहे नोटों की हकीकत क्या है और क्या यह मामला महज साजिश है या इसके पीछे कोई बड़ा राज छिपा है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ पाएगा। लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि गौतम तिवारी द्वारा स्विकार किया गया 1.5 करोड़ रुपए आखिर उनके पास कहा से आया उसके आय का स्रोत क्या है?