रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी
महराजगंज ब्रेकिंग:
एसडीएम-सीओ को ज्ञापन, कल सुबह 10 बजे से आमरण अनशन का ऐलान; वायरल वीडियो में पुलिस पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप, आत्मघाती कदम तक पहुंचने का दावा—अब जवाबदेही किसकी?

महराजगंज/ठूठीबारी। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र में व्यापार मंडल अध्यक्ष एवं पत्रकार द्वारा पुलिस पर कथित प्रताड़ना और मानसिक दबाव बनाए जाने के आरोपों ने अब तूल पकड़ लिया है। मामला इतना गंभीर हो गया है कि पीड़ित पक्ष ने आज सुबह 10 बजे से आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में एसडीएम और सीओ को बाकायदा ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में संबंधित पत्रकार अपनी पीड़ा बताते हुए कथित मानसिक उत्पीड़न और लगातार दबाव बनाए जाने के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह दावा भी किया गया है कि कथित मानसिक दबाव की स्थिति उन्हें आत्मघाती कदम उठाने तक की स्थिति में ले गई।
अब सवाल सिर्फ एक पत्रकार की शिकायत का नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और प्रशासन की जवाबदेही का भी है।
सबसे बड़ा सवाल—एसपी महराजगंज कहां हैं?
जब जिले के एक पत्रकार द्वारा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, आमरण अनशन का ऐलान किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, तो क्या जिले के पुलिस कप्तान को तत्काल मामले का संज्ञान नहीं लेना चाहिए?
क्या किसी अप्रिय घटना का इंतजार किया जाएगा?
क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच कराना पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है?
अगर आरोप गलत हैं तो जांच कर सच्चाई सामने क्यों नहीं लाई जाती और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय कब होगी?
यही सवाल अब स्थानीय लोगों और पत्रकारों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है। इसलिए मामले की पूरी सच्चाई निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
लेकिन आमरण अनशन के ऐलान ने प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक तरफ पत्रकार पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहा है, दूसरी तरफ प्रशासन की चुप्पी सवालों को और हवा दे रही है।
अब देखना होगा कि एसपी महराजगंज इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हैं या फिर ठूठीबारी कोतवाली के बाहर पत्रकार के आमरण अनशन पर बैठने के बाद प्रशासन की नींद खुलेगी?