महराजगंज। जिले में विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल-बाउचरों के व्यापक उपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार तिवारी ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को भेजे गए एक विस्तृत पत्र में आरोप लगाया है कि मई 2025 से अब तक जिला पंचायत, महराजगंज द्वारा कराए गए विकास कार्यों के भुगतान से संबंधित पत्रावलियों में भारी स्तर पर अनियमितताएँ की गई हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार जिला पंचायत के वित्त अधिकारी अबरार आलम द्वारा भुगतान संबंधी फाइलों में ऐसे अनेक बिल-बाउचर प्रमाणित किए गए हैं जिनमें जीएसटी की चोरी तथा राजकोष को हानि पहुँचाने की स्पष्ट आशंका है। आरोप है कि कई बिल फर्जी या संदिग्ध हैं तथा बिना उचित सत्यापन के भुगतान की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। इससे न केवल शासन को राजस्व का नुकसान हुआ है बल्कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा भी मिला है।
मनोज तिवारी ने अपनी शिकायत में कहा कि वह लंबे समय से सामाजिक सरोकारों एवं भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों में सक्रिय हैं तथा इसी क्रम में उन्होंने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में भी समय-समय पर जनहित याचिकाएं दायर की हैं। उन्होंने मांग की है कि जिला पंचायत महराजगंज के वित्त अधिकारी द्वारा फर्जी बिल-बाउचरों को प्रमाणित कर किए गए भुगतान की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
उन्होंने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि पूरे प्रकरण की जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता विभाग को सौंपकर मई 2025 के बाद से अब तक के सभी विकास कार्यों के बिल-बाउचरों का सत्यापन कराया जाए, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके और जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
प्रतिलिपि अपर मुख्य सचिव, गृह एवं सतर्कता विभाग को भी प्रेषित की गई है।