महराजगंज जनपद के मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोरवन में मनरेगा योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। शनिवार, 6 दिसंबर 2025 को किए गए मौके के निरीक्षण में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। गनेश के खेत से अकाले के खेत तक बनाए जा रहे संपर्क मार्ग (कार्य आईडी 3152004037/RC/958486255823703719) के लिए मास्टर रोल संख्या 5961, 5962 और 5963 जारी की गई हैं, जिनमें प्रतिदिन 27 मजदूरों की हाजिरी दिखाई जा रही है।
परंतु जमीनी स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। कार्यस्थल पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला, जबकि एनएमएमएस (राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली) पोर्टल पर रोजाना अपलोड हो रही तस्वीरों में उन्हीं मजदूरों की फोटो से खींची गई फोटो मिल रही है। यानी श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति की जगह किसी अन्य फोटो को कैमरे के सामने रखकर क्लिक किया जा रहा है।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार यह पूरा खेल मानव दिवस कृत्रिम रूप से बढ़ाने तथा बाद में भुगतान में धांधली कर लाखों रुपये के घोटाले के उद्देश्य से किया जा रहा है। मनरेगा में पक्के कार्यों के भुगतान के लिए 60:40 का अनुपात अनिवार्य है। इसी औसत को पूरा करने के लिए फर्जी मस्टर रोल जारी कर मानव दिवस बढ़ाने का खुला प्रयास चल रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि मनरेगा से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी भी पोर्टल पर अपलोड फोटो देखकर ही सत्यापन कर रहे हैं, बिना स्थल पर वास्तविक निरीक्षण किए। इससे पूरे तंत्र की लापरवाही और मिलीभगत उजागर होती है। रोजगार सेवक के पोर्टल पर अब भी 27 श्रमिकों की हाजिरी जारी है, जबकि कार्यस्थल पर कहीं भी श्रमिकों के होने के संकेत नहीं मिले।
मामले पर जब एसपीओ से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल नंबर कवरेज क्षेत्र से बाहर मिला। इससे संदेह और गहरा होता है कि कहीं न कहीं संबंधित अधिकारियों की शह पर यह फर्जीवाड़ा चल रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि मनरेगा जैसी गरीबों के हित की योजना को भ्रष्टाचार का माध्यम बनाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।