न्यूज़ रिपोर्ट – मनोज कुमार तिवारी
जनपद महराजगंज के विकास खण्ड मिठौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बरवा राजा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम निवासी दयानन्द सिंह ने जिलाधिकारी मनरेगा को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक तथा एपीओ/मनरेगा बाबू मिठौरा पर मनरेगा अधिनियम के खुले उल्लंघन का आरोप लगाया है।

शिकायत के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत बरवा राजा में चार संपर्क मार्गों पर मिट्टी कार्य कराया जा रहा है। इनमें चंडी के घर से बगापार सड़कहीया तक, बरान के खेत से जुगनी के खेत तक, पीडब्ल्यूडी सड़क से नन्दलाल चौधरी के खेत होते हुए बेलभरीया सिवान तक तथा सुरेन्द्र के खेत से बेलभरीया सिवान तक संपर्क मार्ग शामिल हैं। इन कार्यों में प्रतिदिन 18 मस्टर रोल लगाए गए और कुल 154 मजदूरों की हाजिरी MMMS (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) ऐप पर दर्शाई गई।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि MMMS पोर्टल पर 154 मजदूरों के फोटो उपलब्ध नहीं हैं। आरोप है कि केवल 10 से 12 लोगों के फोटो ही बार-बार हर मस्टर रोल में अपलोड किए गए हैं, जिससे फर्जी हाजिरी दिखाकर सरकारी धन की निकासी की गई। यह कृत्य मनरेगा अधिनियम 2005 व 2009 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन बताया जा रहा है।

प्रार्थी का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में योजनाबद्ध तरीके से भ्रष्टाचार किया गया है और शासन को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय एवं फॉरेंसिक जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है और क्या मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित हो पाएगी या नहीं।