रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी
महराजगंज जनपद में रसोई गैस उपभोक्ताओं के साथ हो रहा उत्पीड़न अब गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। समाजसेवी विनोद तिवारी द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए शिकायत पत्र में गैस एजेंसियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उपभोक्ताओं द्वारा गैस बुकिंग करने और पर्ची प्राप्त करने के बावजूद, जब वे गैस गोदाम पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि सिलेंडर पहले ही डिलीवर हो चुका है, जबकि उपभोक्ता के पास न तो सिलेंडर पहुंचा होता है और न ही कोई सूचना दी जाती है।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि कई मामलों में उपभोक्ताओं के मोबाइल पर आए ओटीपी का उपयोग बिना उनकी जानकारी के कर लिया जाता है और गैस डिलीवरी दिखा दी जाती है। इससे साफ संकेत मिलता है कि एजेंसी कर्मचारियों और कथित ब्लैक मार्केटिंग में शामिल लोगों के बीच मिलीभगत हो सकती है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा, गैस की कीमत को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जहां होम डिलीवरी के लिए निर्धारित मूल्य ₹983.50 है, वहीं उपभोक्ताओं से गैस गोदाम पर भी ₹985 तक वसूले जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब उपभोक्ता स्वयं गोदाम से गैस ले रहा है तो उससे होम डिलीवरी शुल्क क्यों लिया जा रहा है। यह सीधा-सीधा उपभोक्ताओं के साथ आर्थिक शोषण का मामला प्रतीत होता है।
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाता है और उपभोक्ताओं को राहत मिलती है या नहीं।