रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी
जनपद महाराजगंज के कोठीभर थाना क्षेत्र अंतर्गत कटहरी बाजार स्थित अपोलो मेडिकल स्टोर्स पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने मेडिकल स्टोर पर हंगामा शुरू कर दिया। मामला कथित तौर पर बिना चिकित्सकीय योग्यता के जांच व इंजेक्शन लगाने से जुड़ा बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शीतलपुर निवासी लगभग 50 वर्षीय सुभावती देवी पत्नी छोटेलाल अपने मायके कटहरी बाजार आई हुई थीं। इसी दौरान वह बुखार व अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो गईं। परिजन उन्हें मेन रोड, कटहरी बाजार स्थित अपोलो मेडिकल स्टोर्स पर ले गए। आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर मौजूद सूर्यनारायण कुशवाहा द्वारा महिला की कुछ जांच किए जाने की बात कही गई और रिपोर्ट दो घंटे में आने की बात बताई गई।
करीब दो घंटे बाद रिपोर्ट देखने के पश्चात महिला को एक इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद सुभावती देवी की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। स्थिति को बिगड़ता देख मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा महिला को सिसवा बाजार ले जाने की सलाह दी गई। परिजन आनन-फानन में महिला को लेकर सिसवा पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन शव को लेकर पुनः उक्त मेडिकल स्टोर पर पहुंचे और इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ का प्रयास किया। मौके पर मौजूद कुछ जागरूक नागरिकों ने बीच-बचाव किया, जिससे स्थिति और न बिगड़े।
सूचना मिलते ही कोठीभर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत कराया। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस व संबंधित विभाग की मौजूदगी में डॉक्टर कुशवाहा की उपस्थिति में उक्त मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर लंबे समय से अवैध रूप से जांच और इंजेक्शन लगाए जा रहे थे, जिसकी शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में फर्जी इलाज और अवैध मेडिकल प्रैक्टिस पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।