रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी
मेदिनीपुर में 8 माह से लटकी उचित मूल्य दुकान चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
जनपद महराजगंज के ग्राम पंचायत मेदिनीपुर में उचित मूल्य की दुकान का मामला इन दिनों चर्चाओं में है। पूर्व कोटेदार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से उसका अनुबंध निरस्त कर दिया गया था। लेकिन अनुबंध निरस्त होने के लगभग आठ माह बीत जाने के बावजूद नई दुकान के चयन की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व कोटेदार की राजनीतिक पहुंच के कारण प्रशासन नई नियुक्ति करने से बच रहा है। प्रार्थी नागेंद्र यादव ने गोरखपुर मंडल के आयुक्त को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन जानबूझकर चयन प्रक्रिया लंबित रखे हुए है। उनका कहना है कि यदि पूर्व कोटेदार पर कार्रवाई हो चुकी है, तो नई दुकान आवंटन में देरी का क्या कारण है?
ग्रामवासियों का कहना है कि उचित मूल्य की दुकान बंद होने से पात्र लाभार्थियों को राशन वितरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को अन्य गांवों की दुकानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे समय और संसाधनों की अतिरिक्त बर्बादी हो रही है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि क्या सत्ता के संरक्षण में पूर्व कोटेदार को पुनः स्थापित करने की कोशिश हो रही है, या फिर प्रशासनिक उदासीनता के कारण प्रक्रिया अटकी हुई है? यदि अनुबंध निरस्त हो चुका है, तो नई नियुक्ति में बाधा क्यों?
अब निगाहें आयुक्त महोदय के निर्णय पर टिकी हैं। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। ग्रामीणों ने जनहित में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।