भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चनकौली के ग्रामीणों का जिला मुख्यालय पर अनशन

रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी

ग्राम प्रधान व सचिव पर विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप, जांच व मुकदमे की मांग

 

महराजगंज। जनपद के सिसवा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा चनकौली में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पर क्रमिक/आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी भुगतान का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस मामले में पहले ही जिलाधिकारी द्वारा जांच के आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक जांच पूरी कर उसकी आख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में जन सूचना के नाम पर फर्जी बिल प्रस्तुत कर करीब 20 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई है। उनका कहना है कि सूचना उपलब्ध कराने के नाम पर यह राशि ली गई, जो नियमों के विपरीत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस धनराशि को तत्काल वापस कराए जाने की मांग की है। इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के कुछ भुगतान प्रधान के बेटे की फर्म के नाम पर कराए गए हैं, जिससे हितों के टकराव और वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई और अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, जिलाधिकारी द्वारा दिए गए जांच आदेश के आधार पर तत्काल जांच पूरी कर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। दूसरी, जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाए। तीसरी, जन सूचना के नाम पर लिए गए 20 हजार रुपये की राशि वापस कराई जाए।इस मामले को लेकर समाजसेवी रामसनेही निषाद सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण क्रमिक और आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में अवधेश कुमार, श्रीराम सैनी, रवि धारिया, वल्लू शर्मा, हरिपाल निषाद, सुकई भारती, महेंद्र भारती, निरंजन, सुभाष सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल रहे। ग्रामीणों का कहना है कि वे गांव में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

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