डीएम से वार्ता के बाद भी नहीं टूटा अनशन, ग्रामीणों ने लगाया अभद्र भाषा प्रयोग का आरोप

रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी 

महराजगंज। सिसवा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा चनकौली में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर चल रहा ग्रामीणों का क्रमिक अनशन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा।सोमवार को अनशन स्थल पर प्रशासन की ओर से वार्ता का प्रयास किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित मंडल में एसडीएम द्वारा लगभग आधे घंटे तक ग्रामीणों से बातचीत की गई। इसके बाद अनशनकारियों के प्रतिनिधि श्रीराम सैनी और अवधेश कुमार की जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा से मुलाकात कराई गई।


ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि उनके द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद चार सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। इस पर जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कराने का आश्वासन दिया।हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कड़ी भाषा का प्रयोग किया और कहा कि “गुंडागर्दी कर रहे हो, नहीं मानते हो तो सबको जेल में डाल दो।” ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की भाषा का प्रयोग उच्च अधिकारियों द्वारा किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों और मौलिक अधिकारों का हनन है।ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी भुगतान की शिकायत पहले ही जिलाधिकारी से की जा चुकी है, जिस पर जांच के आदेश भी दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।अनशन पर बैठे ग्रामीणों ने मांग की कि जांच को शीघ्र पूरा कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान समाजसेवी रामसनेही निषाद सहित अवधेश कुमार, श्रीराम सैनी, रवि धारिया, वल्लू शर्मा, हरिपाल निषाद, सुकई भारती, महेंद्र भारती, निरंजन और सुभाष समेत कई ग्रामीण अनशन में शामिल रहे।

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