महराजगंज
जनपद महराजगंज के विकास खंड-सदर में राज्य वित्त आयोग से कराए गए हाई मास्ट लाइट एवं ग्राम पंचायत सोनरा में स्ट्रीट लाइट स्थापना कार्यों में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रार्थी उमा शंकर प्रसाद द्वारा आयुक्त गोरखपुर मण्डल को भेजी गई शिकायत में आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने शासनादेशों की खुलेआम अवहेलना करते हुए मेसर्स स्वतंत्र इंटरप्राइजेज, खुटहां बाजार को गलत ढंग से लाभ पहुंचाया।
शिकायत के अनुसार विकास खंड परिसर में हाई मास्ट लाइट हेतु ₹2,29,093 तथा ग्राम पंचायत सोनरा में स्ट्रीट लाइट हेतु ₹4,48,827 का भुगतान निविदा प्रक्रिया को नियमविरुद्ध अपनाकर किया गया। आरोप है कि यह कार्य न केवल शासनादेशों के विपरीत किया गया, बल्कि खरीद और स्थापना में ईमानदारी की जगह बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सचिव राजेश सिंह, जो ब्लॉक सदर में उक्त दोनों योजनाओं के प्रभारी अधिकारी हैं, के संरक्षण में ही यह पूरा खेल हुआ। एलईडी लाइट के लिए शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं—जैसे कि जैम पोर्टल से अनिवार्य क्रय, डीएसआर के अनुसार कार्य निर्धारण, तथा आवश्यकता होने पर ईईएसएल से खरीद—लेकिन इन सबका पालन नहीं किया गया।
इसके अलावा, संबंधित फर्म मेसर्स स्वतंत्र इंटरप्राइजेज की वैधानिकता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि नियमानुसार न तो उचित निविदा प्रक्रिया अपनाई गई और न ही पारदर्शिता बरती गई।
प्रार्थी ने आयुक्त महोदय से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच वित्त विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए और जांच से जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया तथा उपायुक्त मनरेगा गौरवेन्द्र सिंह को अलग रखा जाए।
गौरतलब है कि यह प्रकरण आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) उत्तर प्रदेश को भी भेजा गया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला जिला स्तर के सबसे बड़े वित्तीय भ्रष्टाचारों में से एक के रूप में सामने आ सकता है।