महराजगंज जनपद में बाल विकास पुष्टाहार विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर दर्ज शिकायत संख्या 40018726000241 के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ता उमा शंकर प्रसाद ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया है।

शिकायत के अनुसार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महराजगंज द्वारा जिलाधिकारी के पूर्व आदेशों की अनदेखी करते हुए श्री निमेष मिश्रा, प्रधान सहायक को पुनः डीपीओ कार्यालय में बैठाकर कार्य कराया जा रहा है। जबकि पूर्व में उनके विरुद्ध शिकायतें प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर उनका स्थानांतरण बाल विकास परियोजना कार्यालय – सदर में कर दिया गया था। इसके बावजूद, डीपीओ द्वारा उन्हें अपने कार्यालय में कार्य दिलाना प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना मानी जा रही है।
आरोप है कि डीपीओ कार्यालय से जिले में चल रही भर्ती/नियुक्ति प्रक्रियाओं में श्री निमेष मिश्रा की भूमिका के माध्यम से अवैध धन की वसूली कराई जा रही है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पूरे प्रकरण की पुष्टि विकास भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से की जा सकती है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि स्थानांतरण के बाद भी संबंधित अधिकारी कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहकर कार्य कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता उमा शंकर प्रसाद का कहना है कि यह पूरा मामला न केवल वित्तीय अनियमितता का है, बल्कि उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना कर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि जनपद प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सच्चाई सामने आ पाएगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।