महराजगंज।
जनपद महराजगंज के निचलौल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मैरी में चल रहे मनरेगा कार्य में NMMS (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) के माध्यम से की गई हाजिरी में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामला “मेरी में सुग्रीव के खेत से मलाव नाला तक चकबंद कार्य” से जुड़ा है, जिसका कार्य कोड 3152003085/RC/958486255823722654 है।




NMMS पोर्टल पर उपलब्ध डाटा के अनुसार इस एक ही कार्य में लगातार 11 मास्टर रोल (10743 से 10753) बनाए गए हैं, जिनमें कुल 102 लेबरों की उपस्थिति दर्शाई गई है। प्रत्येक मास्टर रोल में 9 से 10 पर्सन-डे जनरेट होना दिखाया गया है। लेकिन जब NMMS पर अपलोड की गई तस्वीरों की जांच की गई तो सच्चाई कुछ और ही निकली।




सभी 11 मास्टर रोल के लिए सिर्फ एक ही ग्रुप फोटो अपलोड की गई है, जिसमें कुल 10 मजदूर (लगभग 5 महिलाएं और 5 पुरुष) ही दिखाई दे रहे हैं। यही फोटो क्रमवार 11ों मास्टर रोल में दोहराकर लगा दी गई, जबकि नियम के अनुसार प्रत्येक कार्य दिवस पर दो अलग-अलग फोटो (कार्य प्रारंभ और कार्य समाप्ति) अनिवार्य होती हैं। यहां दूसरी फोटो (Second Photo) एक भी मास्टर रोल में अपलोड नहीं की गई है।




फोटो का टाइमस्टैम्प 10 जनवरी 2026 सुबह 09:28 बजे का है, जिसे मेट लक्ष्मीना द्वारा अपलोड किया गया। इसी एक फोटो के आधार पर 11 मास्टर रोल में 102 मजदूरों की हाजिरी लगाकर सरकारी धन के भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
स्थल पर मौजूद मजदूरों की संख्या और NMMS में दर्ज हाजिरी में भारी अंतर साफ तौर पर फर्जी मजदूरी भुगतान, कागजी कार्य और सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है। नियमों के अनुसार NMMS में गलत फोटो अपलोड करना और वास्तविक उपस्थिति से अधिक हाजिरी दिखाना गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
इस पूरे प्रकरण में मेट, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और संबंधित तकनीकी अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस फर्जीवाड़े की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।