रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी

कुशीनगर जनपद के नगर पंचायत कप्तानगंज में अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश प्रसाद ने गोरखपुर मण्डल के आयुक्त को प्रेषित शिकायत में आरोप लगाया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी की मिलीभगत से बिना नक्शा स्वीकृति के बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे राजस्व विभाग को भारी क्षति हो रही है।
शिकायत के अनुसार वार्ड संख्या-1 में धनेसर पुत्र घुरहू द्वारा बिना वैध नक्शा स्वीकृति के निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस संबंध में आईजीआरएस संख्या 40018926002847 के माध्यम से उपजिलाधिकारी, तहसील कप्तानगंज को शिकायत दी गई थी। आरोप है कि शिकायत के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रुका, बल्कि उसी रात दोबारा शुरू कर दिया गया। जब इस बाबत अधिशासी अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने दावा किया कि निर्माण का नक्शा स्वीकृत है, जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित भूमि धनेसर के नाम आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज ही नहीं है।
प्रार्थी का आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र में कई स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण हो रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। यह भी कहा गया है कि 3 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी कुशीनगर को दिए गए लिखित प्रार्थना पत्र पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सवाल यह उठता है कि जब शिकायतें आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज हैं और दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो प्रशासन की चुप्पी किसके संरक्षण का संकेत दे रही है? यदि नगर निकाय के अधिकारी ही नियमों को दरकिनार कर निर्माण को संरक्षण देंगे, तो शहरी नियोजन और राजस्व व्यवस्था का क्या होगा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त गोरखपुर मण्डल से सतर्कता जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में पारदर्शिता दिखाता है या फिर शिकायतें फाइलों में ही दबकर रह जाएंगी।