रिपोर्ट – मनोज कुमार तिवारी

प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद दूसरे दौरे में दिखा बदला-बदला उत्साह, बच्चों और किराए की भीड़ पर उठे सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का सोमवार को महराजगंज जनपद आगमन हुआ। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका दूसरा जनपद दौरा बताया गया। पार्टी की ओर से इसे “भव्य स्वागत” करार दिया गया, लेकिन ज़मीनी हकीकत और स्थानीय तस्वीरें कई सवाल खड़े करती दिखीं।

जिले में सिंदुरिया, मिठौरा, बरोहिया ढाला, निचलौल, गड़ौरा, ठूठीबारी और पाड़िया ताल जैसे स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। फूलमालाएं, ढोल-नगाड़े, जयघोष और कुछ जगहों पर जेसीबी–बुलडोजर से पुष्पवर्षा तक की व्यवस्था रही। आयोजनकर्ताओं के मुताबिक कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बनता था।
सिंदुरिया और मिठौरा ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रमुख प्रतिनिधि राम हरख गुप्ता के नेतृत्व में कार्यक्रम हुए।

मिठौरा ब्लाक गेट पर प्रधान संघ अध्यक्ष अनिल जोशी,

बरोहिया ढाला में अजय कुमार श्रीवास्तव तथा निचलौल में धीरू सिंह और शिवनाथ मद्धेसिया के नेतृत्व में माल्यार्पण किया गया। पाड़िया ताल स्थित माता मंदिर में पंकज चौधरी ने विधिवत पूजन-अर्चन कर क्षेत्र और प्रदेश के लोककल्याण की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का है, और वे जिम्मेदारी को निष्ठा व पारदर्शिता से निभाएंगे।
हालांकि, इसी “भव्यता” के बीच कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आईं जो पहले दौरे से तुलना करने पर उत्साह में आई कमी की ओर इशारा करती हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सिंदुरिया में स्वागत के दौरान स्कूल के बच्चों को सड़क किनारे खड़ा कर भीड़ जुटाई गई।


मिठौरा में ब्लॉक गेट पर ग्राम प्रधानों की उपस्थिति में ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत हुआ और जेसीबी से फूल बरसाए गए, लेकिन आम जनमानस की स्वतःस्फूर्त भागीदारी सीमित दिखी।

बाली इंटर कॉलेज गेट पर एनसीसी के बच्चों को खड़ा कर भिड़ जुटाए गए और स्वागत किया गया—जिसे लेकर “शिक्षा से खिलवाड़” जैसे सवाल उठे। निचलौल में भी कथित तौर पर कुछ किराए के लोगों को जुटाकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। वहीं, राजेश्वर त्रिपाठी और घनश्याम शुक्ला सहित कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा अलग-अलग स्थानों पर स्वागत की तस्वीरें सामने आईं।
पहले जनपद दौरे के दौरान जिस स्तर का जोश और स्वतःस्फूर्त भीड़ दिखी थी, उसकी तुलना में इस बार का माहौल अपेक्षाकृत फीका रहा। स्थानीय जानकारों का कहना है कि यदि लोकप्रियता मजबूत होती, तो आम लोग अपने आप बड़ी संख्या में पहुंचते। इसके उलट, बच्चों, एनसीसी कैडेट्स और प्रायोजित भीड़ के सहारे कार्यक्रमों को “सफल” दिखाने की कोशिशें चर्चा में रहीं।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष, सदर विधायक, नौतनवा विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल, अजय कुमार श्रीवास्तव, संतोष सिंह, दयाशंकर सिंह, अंशु पांडेय, बस्ती जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, मंडल अध्यक्ष राजन पटेल, गौतम चौधरी, पूर्व प्रमुख अमरेंद्र मणि पांडेय, रणजीत बहादुर सिंह, बाबू नंदन शर्मा, चेयरमैन गिरिजेश जायसवाल, इंजीनियर विवेक गुप्ता, देवीदिन अग्रहरी, छोटेलाल थापा और जितई चौधरी सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
स्वागत कार्यक्रमों की चकाचौंध के पीछे यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह वास्तविक जनसमर्थन का प्रतिबिंब था, या फिर आयोजन और प्रबंधन के ज़रिये गढ़ी गई तस्वीर। बच्चों की पढ़ाई से समझौता और प्रायोजित भीड़ का सहारा—ये संकेत कहीं न कहीं बदलते राजनीतिक माहौल और घटते उत्साह की ओर इशारा करते हैं।