रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी

जनपद महराजगंज के पनियरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कमासिन बुजुर्ग में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। एनएमएमएस ऐप पर दर्ज विवरण के अनुसार कार्य कोड 3152009062/RC/958486255823736609 के तहत “हड़तोड़नों बागीचे से गेहुअना सिवान तक संपर्क मार्ग पर गिट्टी कार्य” में 18 फरवरी 2026 को उपस्थिति दर्ज की गई। पोर्टल पर एक ही स्थान का जियो कोऑर्डिनेट (27.0258445, 83.4352868) दर्शाया गया है और मात्र एक ग्रुप फोटो अपलोड किया गया, जबकि दूसरी फोटो अपलोड नहीं की गई है।

रिकॉर्ड के अनुसार इस कार्य में कुल आठ मास्टर रोल संचालित बताए गए हैं और 77 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है। लेकिन अपलोड की गई फोटो में केवल लगभग 10 महिलाओं और 4 पुरुषों के ही चेहरे स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि इन्हीं सीमित फोटो को बार-बार अपलोड कर बड़ी संख्या में श्रमिकों की हाजिरी दर्शा दी गई, जबकि 77 श्रमिकों के अनुपात में फोटो साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इससे मनरेगा में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान निकालने की आशंका जताई जा रही है।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि 77 मजदूर मौके पर कार्यरत थे तो सामूहिक फोटो और व्यक्तिगत सत्यापन स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए था। एनएमएमएस ऐप का उद्देश्य ही जियो-टैग्ड और समयबद्ध फोटो के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, लेकिन यहां प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस संबंध में ग्राम प्रधान रूपेश से संपर्क किया गया तो उन्होंने मामले की जानकारी से इनकार करते हुए रोजगार सेवक से बात करने को कहा। रोजगार सेवक का संपर्क नंबर मांगने पर प्रधान द्वारा टालमटोल करने का भी आरोप है। जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने से संदेह और गहरा गया है।

ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, एनएमएमएस रिकॉर्ड और वास्तविक उपस्थिति का मिलान कराया जाए तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में पारदर्शिता बनी रहे।