धान-गेहूं खरीद घोटाले की जांच में देरी पर लोकायुक्त सख्त, 11 जून तक मांगी रिपोर्ट

रिपोर्ट – सुर्य प्रकाश तिवारी

महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर और देवरिया जनपदों में धान एवं गेहूं खरीद से जुड़े कथित घोटाले की जांच में लगातार हो रही देरी पर उत्तर प्रदेश लोकायुक्त प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उप लोक आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी स्मरण पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मामले की विस्तृत जांच आख्या साक्ष्यों सहित 11 जून 2026 तक हर हाल में उपलब्ध कराई जाए।

यह कार्रवाई परिवादी श्री मनोज कुमार तिवारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की जा रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि धान और गेहूं खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। पूर्व में 28 जनवरी 2026 को लोकायुक्त कार्यालय द्वारा इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके अनुपालन में 12 फरवरी 2026 को संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बावजूद अब तक कोई ठोस जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई।

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उप लोक आयुक्त के सचिव डॉ. रीमा बंसल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने गोरखपुर मंडल के आयुक्त को निर्देशित किया है कि जांच को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक साक्ष्यों के साथ स्पष्ट रिपोर्ट तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराएं।

इस पूरे प्रकरण ने क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय पर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।

अब सबकी नजर 11 जून की निर्धारित तिथि पर टिकी है, जब यह तय होगा कि इस बहुचर्चित मामले में सच्चाई सामने आती है या नहीं।

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