रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी

गोरखपुर मण्डल के महराजगंज जनपद में मिड-डे मील (एमडीएम) योजना से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। डी०ए०वी० नारंग इंटर कॉलेज, घुघली में एमडीएम योजना के तहत हुए कथित घोटाले में आरोपी को बचाने के प्रयासों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) महराजगंज की भूमिका पर गंभीर प्रश्न उठे हैं।

मामले में शिकायतकर्ता श्री उमेश प्रसाद, ग्राम व पोस्ट मेदनीपुर, जनपद महराजगंज द्वारा 12 नवम्बर 2025 को मण्डलायुक्त, गोरखपुर मण्डल को शिकायती पत्र भेजा गया था। इस पर मण्डलायुक्त ने उसी दिन स्पष्ट टीप अंकित करते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक, सप्तम मण्डल, गोरखपुर को जाँच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।
संयुक्त शिक्षा निदेशक सतीश सिंह ने 12 जनवरी 2026 को जारी पत्र में बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा 17 नवम्बर 2025, 4 दिसम्बर 2025 एवं 5 जनवरी 2026 को भी प्रत्यावेदन उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें एमडीएम योजना में वित्तीय अनियमितता तथा आरोपी को संरक्षण दिए जाने के आरोप दोहराए गए हैं।
इन सभी पत्रों और प्रत्यावेदनों की छायाप्रति संलग्न करते हुए डीआईओएस महराजगंज को निर्देशित किया गया है कि वह शिकायतकर्ता का पक्ष सुनते हुए मामले का गुण-दोष के आधार पर परीक्षण करें और नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही की गई कार्यवाही से संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय को अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मामले की प्रतिलिपि मण्डलायुक्त, गोरखपुर मण्डल को उनके पूर्व निर्देशों के अनुपालन में तथा शिकायतकर्ता श्री उमेश प्रसाद को भी पंजीकृत डाक से भेजी गई है। अब इस प्रकरण में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा की जाने वाली जाँच और कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला न केवल एमडीएम योजना की पारदर्शिता बल्कि शिक्षा विभाग में जवाबदेही का भी बड़ा परीक्षण माना जा रहा है।