खण्ड विकास अधिकारी पर मनमाना स्थानांतरण का आरोप, सामाजिक कार्यकर्ता ने आयुक्त गोरखपुर मण्डल से की निष्पक्ष जांच की मांग

जनपद महराजगंज के विकास खंड बृजमनगंज में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब खंड विकास अधिकारी (बृजमनगंज) द्वारा जारी एक कार्यालय आदेश को लेकर भ्रष्टाचार और शासनादेश उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने इस आदेश के खिलाफ आयुक्त, गोरखपुर मंडल को विस्तृत शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

27 नवंबर 2025 को जारी पत्रांक 1653/स्थापना/ग्राम पंचायत सचिव/2025-26 के माध्यम से खंड विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी श्री प्रमोद कुमार सोनी के स्थान पर श्री सर्वेश कुमार सोनकर को क्लस्टर पिपरा परसौनी (जिसमें पिपरा परसौनी, गुर्चिहां और बड़िहारी ग्राम पंचायतें सम्मिलित हैं) का नया सचिव तैनात कर दिया। यह परिवर्तन उस समय किया गया जब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और ग्राम विकास अधिकारी के बीच उत्पन्न विवाद के बाद श्री सोनी ने सुरक्षा कारणों से क्लस्टर में प्रवेश न करने का पत्र जिला स्तर को प्रेषित किया था।

खंड विकास अधिकारी द्वारा उनके स्थान पर तत्काल प्रभाव से नए सचिव की तैनाती का निर्णय लिया गया, जिसमें पुराने सचिव को निर्देशित किया गया कि वे समस्त अभिलेख नए सचिव को तत्काल उपलब्ध कराएं।

इसी आदेश को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ने आयुक्त गोरखपुर मंडल को शिकायत भेजी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खंड विकास अधिकारी ने शासनादेशों का उल्लंघन करते हुए अपने स्तर से ग्राम पंचायत सचिव का स्थानांतरण किया, जबकि नियमों के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी के स्थानांतरण हेतु जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायतराज अधिकारी की अनिवार्य रूप से त्रिस्तरीय स्वीकृति आवश्यक है।

शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि बिना अनुमोदन के क्लस्टर आवंटन किया जाना नियम विरुद्ध ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की संभावित मंशा भी दर्शाता है। यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच में जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया और उपायुक्त मनरेगा गौरवेन्द्र सिंह को शामिल न किया जाए, क्योंकि उनके इस प्रकरण से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संबंध होने की आशंका व्यक्त की गई है।

शिकायतकर्ता ने आयुक्त से मांग की है कि प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए, दोषियों पर आवश्यक विभागीय व दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि शासन और प्रशासन की विश्वसनीयता बनी रहे।

इस विवाद ने बृजमनगंज ब्लॉक के प्रशासनिक कार्यों और ग्राम पंचायतों के संचालन पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें आयुक्त स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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