महराजगंज/लखनऊ।
गोरखपुर मण्डल के चार जनपद—महराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर और देवरिया—में यू.पी. कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड द्वारा वर्ष 2016-17 से 2023-24 तक धान और गेहूँ खरीद में भारी भ्रष्टाचार किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। यह शिकायत निचलौल के निवासी मनोज कुमार तिवारी द्वारा की गई है, जिन्होंने मामले की सतर्कता जांच व उच्चस्तरीय कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यूनियन द्वारा इन वर्षों में जिन एजेंसियों के माध्यम से धान-गेहूँ खरीद कराई गई, उनके केंद्रों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है और न ही केंद्र निर्धारण में शासनादेशों का पालन किया गया। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर फर्जी किसानों का पंजीकरण, बिना सत्यापन भुगतान और परिवहन व बोरी आपूर्ति में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार कई केंद्रों पर एक ही वाहन को अलग-अलग जनपदों में दिखाकर फर्जी भुगतान किया गया। गेहूँ, धान और चावल के संपादन में लगाए गए परिवहन ठेकेदारों के संबंध में भी गंभीर अनियमितताएँ बताई गई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खतौनी का मिलान कराया जाए तो फर्जी किसानों का पूरा नेटवर्क सामने आ जाएगा।
मामले को गंभीर मानते हुए सितंबर 2025 में लोकायुक्त कार्यालय, लखनऊ ने शिकायतकर्ता को पत्र भेजकर कुछ जरूरी औपचारिकताएँ पूरी करने को कहा था।


लोकायुक्त सचिव डॉ. रीमा बंसल द्वारा भेजे गए पत्र में आरोपी लोकसेवकों के नाम, पदनाम, वर्तमान तैनाती, तथा शिकायतकर्ता के बैंक खाते और पहचान पत्र की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराने को कहा गया था।

शिकायतकर्ता मनोज तिवारी ने निर्धारित समय में लोकायुक्त को विस्तृत जवाब भेजते हुए बताया कि इन वर्षों में सम्बंधित जनपदों के तत्कालीन जिला प्रबंधक, अकाउंटेंट, क्षेत्रीय प्रबंधक और मंडलीय पर्यवेक्षण अधिकारी मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं, जिनकी जानकारी जिलों के प्रशासनिक अभिलेखों से उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने अपने बैंक खाते एवं आधार कार्ड की प्रति भी उपलब्ध कराते हुए पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।
प्रकरण अब लोकायुक्त के अधीन विचाराधीन है, और यदि जांच शुरू होती है तो यह गोरखपुर मंडल में खाद्यान्न खरीद व्यवस्था से जुड़े अब तक के सबसे बड़े घोटालों में से एक हो सकता है।
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