लखनऊ/महराजगंज।
उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त कार्यालय ने महराजगंज जनपद की पनियरा विधानसभा सीट से विधायक श्री ज्ञानेन्द्र सिंह को गंभीर आरोपों के संबंध में नोटिस जारी किया है। यह नोटिस जिला महराजगंज निवासी श्री अजीत सिंह द्वारा लोक आयुक्त में प्रस्तुत परिवाद के आधार पर जारी किया गया है। लोक आयुक्त की सचिव डॉ. रीमा बंसल द्वारा दिनांक 22 दिसम्बर 2025 को जारी पत्र में विधायक से आय से अधिक संपत्ति के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

लोक आयुक्त कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि विधायक श्री ज्ञानेन्द्र सिंह अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अपना लिखित उत्तर एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। इसके साथ ही उनसे यह भी अपेक्षा की गई है कि वे स्वयं तथा अपने आश्रित परिवार के सदस्यों द्वारा विगत पांच वर्षों में अर्जित आय के सापेक्ष अर्जित चल एवं अचल संपत्तियों का पूर्ण विवरण निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करें।
लोक आयुक्त कार्यालय ने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए परिवादी द्वारा प्रस्तुत 84 पृष्ठों के दस्तावेज एवं 10 पृष्ठों के विहित प्रारूप की प्रति भी विधायक को उपलब्ध कराई है, ताकि तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जा सके। पत्र में यह भी उल्लेख है कि मांगी गई समस्त सूचनाएं दिनांक 09 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि माननीय लोक आयुक्त द्वारा प्रकरण का विधिवत परीक्षण किया जा सके।
इस कार्रवाई की जानकारी परिवादी श्री अजीत सिंह, निवासी ग्राम मेदनीपुर (नारायण टोला), जनपद महराजगंज को भी औपचारिक रूप से भेजी गई है। इससे स्पष्ट है कि लोक आयुक्त कार्यालय पूरे प्रकरण को पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में इस नोटिस को लेकर हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, वहीं समर्थकों का कहना है कि विधायक अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
अब सभी की निगाहें 9 जनवरी 2026 पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि विधायक द्वारा लोक आयुक्त के समक्ष क्या स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाता है और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है। यह मामला न केवल पनियरा विधानसभा बल्कि पूरे महराजगंज जनपद की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।