न्यूज रिपोर्ट मनोज कुमार तिवारी
महराजगंज जनपद के मिथौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत लेडवा में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। एनएमएमएस (NMMS App) के माध्यम से 9 जनवरी 2026 को दर्ज की गई दैनिक उपस्थिति के अनुसार एक ही दिन में तीन अलग–अलग कार्यों पर कुल 15 मास्टर रोल के जरिए 136 मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर दी गई, जबकि मौके पर वास्तविक कार्य होता दिखाई नहीं दिया।



पहला कार्य “लेडवा में सामुदायिक शौचालय से जनार्दन के खेत होते हुए रामपुर सिवान तक संपर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य” दर्शाया गया है। दूसरा कार्य “बसीर के खेत से परसान के खेत होते हुए मेन चकरोड तक संपर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य” और तीसरा कार्य “लेडवा में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य” बताया गया है। तीनों कार्यों में एक ही पंचायत स्तर के कर्मी द्वारा सुबह 8 बजे के आसपास फोटो ली गई और शाम को अपलोड की गई, लेकिन किसी भी फोटो में मजदूरों के पास न फावड़ा दिखाई देता है, न टोकरी और न ही किसी साइड पर ताजा कार्य होता नजर आता है।


स्थानीय लोगों के अनुसार जिन सड़कों और स्थलों पर कार्य दिखाया जा रहा है, वहां अधिकांश काम पहले ही हो चुका है। वर्तमान में केवल फोटो खींचकर मनरेगा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है और मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन का गबन किया जा रहा है। सवाल यह भी उठता है कि एक ही दिन, एक ही पंचायत में, लगभग एक ही समय पर तीन अलग–अलग कार्यों की हाजिरी कैसे संभव है।


इस पूरे प्रकरण ने मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब आवश्यकता है कि उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों, ग्राम पंचायत कर्मियों और संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि गरीब मजदूरों के नाम पर होने वाली इस लूट पर तत्काल रोक लग सके।