कप्तानगंज नगर पंचायत में अवैध निर्माण का खेल, सतर्कता जांच की मांग से मचा हड़कंप

रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी 

कुशीनगर।
नगर पंचायत कप्तानगंज में बिना नक्शा स्वीकृति के हो रहे अवैध निर्माण कार्यों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश प्रसाद ने नगर पंचायत अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कुशीनगर से पूरे प्रकरण की सतर्कता जांच कराए जाने की मांग की है।

 

शिकायतकर्ता उमेश प्रसाद का कहना है कि वे लंबे समय से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाते आ रहे हैं और इस क्रम में उन्होंने नगर पंचायत कप्तानगंज में हो रहे अवैध निर्माण कार्यों की शिकायत की थी। वार्ड संख्या-1 में धनेसर पुत्र घुरहू द्वारा बिना नक्शा स्वीकृति के निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर उपजिलाधिकारी कप्तानगंज को शिकायत दर्ज कराई थी। हैरानी की बात यह रही कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद उसी दिन रात में निर्माण कार्य पुनः शुरू करा दिया गया।

जब इस संबंध में अधिशासी अधिकारी कप्तानगंज से संपर्क किया गया तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि संबंधित भूमि का नक्शा स्वीकृत है, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार उक्त भूमि धनेसर पुत्र घुरहू के नाम से किसी भी आधिकारिक अभिलेख में दर्ज नहीं है। इससे नगर पंचायत प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामले में जब उपजिलाधिकारी कप्तानगंज से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कथित रूप से कहा कि “मेरी बात अधिशासी अधिकारी से हो गई है, आप ईओ से बात कर लीजिए।” इस बयान के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर और अधिक संदेह उत्पन्न हो गया। वहीं अधिशासी अधिकारी योगेश प्रसाद से बात करने पर उन्होंने कहा कि “हम आपकी उत्सुकता को समझ रहे हैं,” लेकिन पूरी जानकारी देने से बचते हुए समुचित जवाब देने में आनाकानी की।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिना नक्शा स्वीकृति के अवैध निर्माण हो रहे हैं और नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी द्वारा कार्रवाई न करने के बदले भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे राजस्व विभाग को भारी क्षति पहुंच रही है।

अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी कुशीनगर इस गंभीर प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या नगर पंचायत कप्तानगंज में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार की सतर्कता जांच कराई जाती है या नहीं। फिलहाल शिकायत के बाद नगर पंचायत और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

error: Content is protected !!