आईपीएल खड्डा चीनी मिल का पेराई सत्र 2025-26 ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ संपन्न

रिपोर्ट – सुर्य प्रकाश तिवारी 

कुशीनगर जनपद स्थित इंडियन पोटाश लिमिटेड (आई०पी०एल०) की इकाई खड्डा चीनी मिल का पेराई सत्र 2025-26 रविवार को विधि-विधान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक रहा, जिसमें उत्पादन और कार्य दिवस दोनों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई।

मिल प्रबंधन के अनुसार, पेराई सत्र की शुरुआत 17 नवंबर 2025 को हुई थी और कुल 133 दिनों तक संचालन के बाद 29 मार्च 2026 को इसका समापन किया गया। इस दौरान मिल ने 29.77 लाख कुंतल गन्ने की पेराई की, जो वर्ष 1932 में स्थापना के बाद अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। पिछले सत्र 2024-25 की तुलना में यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण है, जब 121 दिनों में 24.83 लाख कुंतल गन्ने की पेराई हुई थी। इस प्रकार इस वर्ष लगभग 4.94 लाख कुंतल अधिक गन्ने की पेराई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

पेराई सत्र के समापन अवसर पर प्रधान प्रबंधक एन०पी० सिंह ने इस सफलता का श्रेय मिल के सभी विभागाध्यक्षों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा क्षेत्र के किसानों को दिया। उन्होंने कहा कि टीम वर्क, समर्पण और उच्च स्तरीय प्रबंधन के चलते यह उपलब्धि संभव हो सकी है। साथ ही उन्होंने आई०पी०एल० समूह मुख्यालय के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।

केन हेड सुधीर कुमार ने किसानों का विशेष धन्यवाद करते हुए आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए अधिक से अधिक गन्ना बुवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने किसानों से अपील की कि गन्ना सर्वेक्षण के दौरान अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में आपूर्ति संबंधी किसी प्रकार की समस्या न हो।

इस अवसर पर मिल के वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक पवन पटेल, इंजीनियरिंग हेड विजय मिश्रा, प्रोडक्शन हेड संतोष यादव, परचेज इंचार्ज धर्मेन्द्र शास्त्री, उप प्रबंधक शेरबहादुर, सहायक गन्ना प्रबंधक संदीप चौधरी एवं गन्ना अधिकारी मुन्ना सिंह सहित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

विशेष बात यह रही कि इस सत्र के दौरान मिल प्रबंधन और कर्मचारियों ने किसानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया। जिन किसानों की आपूर्ति किसी कारणवश पिछड़ रही थी, उनके खेतों तक स्वयं पहुंचकर व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हुई और यह आम जनमानस में चर्चा का विषय बना रहा। इसी समर्पण और उत्साह के साथ सत्र की शुरुआत और समापन, दोनों ही यादगार रहे।

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