महराजगंज जनपद की दीवानी कचहरी परिसर में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक अधिवक्ता पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के लोहिया नगर वार्ड नंबर 9 की बताई जा रही है, जहां अधिवक्ता अमलेश कुमार पर लोहे की बन्ती और लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस गंभीर घटना के संबंध में थाना कोतवाली में एफआईआर संख्या 0027/2026 दर्ज की गई है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 109, 115(2) और 352 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
पीड़ित अधिवक्ता अमलेश कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 16 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 12 बजे मुकेश पुत्र पिन्टू ने मां-बहन की भद्दी गालियां देते हुए हत्या की नीयत से लोहे की बन्ती से उन पर जोरदार वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद पिन्टू पुत्र रामप्रीत, रामराज पुत्र घीसन तथा पिन्टू की पत्नी ने भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिससे पीड़ित की जान बच सकी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। मामले की विवेचना उप निरीक्षक सुधाकर प्रसाद को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्यों के संकलन की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है।
इस घटना ने इसलिए भी अधिक आक्रोश पैदा किया है क्योंकि इसी दिन जनपद महाराजगंज में बार काउंसिल के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित था। जहां एक ओर अधिवक्ता समाज एकता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश दे रहा था, वहीं दूसरी ओर दीवानी न्यायालय से जुड़े एक अधिवक्ता पर हुआ यह हमला न्याय व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कानूनी जानकारों और अधिवक्ता संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि जब पीड़ितों को कहीं से सहयोग नहीं मिलता, तब वकील ही उनके लिए अंतिम सहारा होते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं पर हो रहे हमले न केवल निंदनीय हैं, बल्कि लोकतांत्रिक और न्यायिक मूल्यों के लिए भी घातक हैं। अधिवक्ता संगठनों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।