रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी

महराजगंज जनपद के सिसवा बाजार स्थित मदरसा अजीजिया इशाअतुल ओलूम के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय सामने आया है। सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटी एवं चिट्स, गोरखपुर मंडल द्वारा जारी आदेश में अंजुम कादरी द्वारा प्रस्तुत प्रबंध समिति की सूची वर्ष 2025-26 को अमान्य घोषित कर दिया गया है।
कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, अंजुम कादरी ने स्वयं को प्रबंधक बताते हुए 26 फरवरी 2026 को नई प्रबंध समिति के पंजीकरण हेतु आवेदन किया था। इस आवेदन में उन्होंने पूर्व के कार्यालय आदेशों (27 जून 2023 व 3 जुलाई 2023) तथा उच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिका संख्या 28486/2023 सहित अन्य मामलों का हवाला दिया था।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण में निर्णायक भूमिका उपजिलाधिकारी निचलौल, महराजगंज द्वारा पारित आदेश ने निभाई। उपजिलाधिकारी ने सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 की धारा-25(1) के तहत वाद संख्या 4193/2023 में 23 फरवरी 2026 को आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि 4 अप्रैल 2023 को संपन्न कार्यकारिणी की कार्यवाही विधिसम्मत है। इसके साथ ही उस कार्यवाही में चुने गए पदाधिकारियों को वैध ठहराया गया।
सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह रहा कि उपजिलाधिकारी ने बेलाल पुत्र हसनैन को प्रबंधक पद से हटाने की कार्रवाई को भी विधिसंगत माना और उनके निष्कासन को सही ठहराया। वहीं, नौशाद आलम पुत्र हफीजुल्लाह को प्रबंधक के रूप में चयनित किए जाने को वैध घोषित किया गया।

इसी आदेश के आधार पर सहायक रजिस्ट्रार ने अंजुम कादरी के आवेदन को विधिक रूप से असंगत मानते हुए खारिज कर दिया। स्पष्ट रूप से कहा गया कि जब सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले ही वैध प्रबंधक और कार्यकारिणी तय कर दी गई है, तो इसके विपरीत प्रस्तुत किसी भी सूची को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस फैसले के बाद मदरसे के प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल एक दिशा में जाता दिख रहा है। हालांकि, मामला पहले से न्यायालय में लंबित होने के कारण आने वाले समय में इस पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
स्थानीय स्तर पर इस निर्णय के बाद हलचल तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
आपकों बता दें कि उप जिलाधिकारी निचलौल के आदेश आने पर अंजूम कादरी ने सिसवा में यह अफवाह फैलाई थी कि उप जिलाधिकारी निचलौल के आदेश में अंजूम कादरी का नाम नहीं है इस लिए वह बैद्य प्रबंधक है लेकिन उपरोक्त आदेश ने अंजूम कादरी के अफवाहों पर विराम लगा दिया है