ब्राह्मण समाज में उबाल: IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया, FIR की उठी मांग

महराजगंज/ उत्तर प्रदेश/मध्यप्रदेश –
सोशल मीडिया से लेकर ज़मीनी स्तर तक ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है। कारण है मध्यप्रदेश के एक आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा का वह कथित बयान जो तेजी से वायरल हो रहा है—
“जब तक ब्राह्मण अपनी बेटी दान न दे, तब तक आरक्षण मिले।”

इस कथन को ब्राह्मण समाज ने न केवल आपत्तिजनक बताया है, बल्कि समाज की आस्था, सम्मान और सामाजिक समरसता पर सीधा हमला माना है।

महराजगंज जनपद के अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने इस कथन को जातिगत विद्वेष फैलाने वाला, अपमानजनक और सामाजिक सौहार्द को चोट पहुँचाने वाला करार देते हुए कोतवाली सदर में प्रार्थनापत्र देकर FIR दर्ज कराने की मांग की है। अधिवक्ता पांडेय ने कहा कि यह बयान ब्राह्मणों को नीचा दिखाने, उनका सार्वजनिक रूप से अपमान करने तथा एक विशेष समुदाय के खिलाफ नफरत पैदा करने की मंशा से दिया गया है, जिससे उन्हें और समाज के अन्य लोगों को गहरा मानसिक आघात पहुँचा है।

स्थानीय लोगों—विकास पाण्डेय, उपेंद्र मिश्र, जोखन प्रसाद, दिग्विजयनाथ सहित कई लोगों ने भी इस बयान पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह केवल एक समुदाय का अपमान नहीं बल्कि सनातन पर सीधा प्रहार है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X, फ़ेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों पर ब्राह्मण समाज का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। तमाम संगठनों ने इस मुद्दे पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की है और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

 

समाज का कहना है कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों को अपने शब्दों की मर्यादा रखनी चाहिए। यदि कोई अधिकारी जातिगत टिप्पणी करता है तो यह पूरे प्रशासनिक तंत्र पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। ब्राह्मण समाज स्पष्ट रूप से मांग कर रहा है कि—
“अभियुक्त संतोष वर्मा पर तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी जाति या धर्म पर इस प्रकार की ओछी टिप्पणी करने की हिमाकत न कर सके।”

फिर हाल यह IAS  है और अकुत सम्पत्ति अर्जित किया है इस लिए बड़बोलापन दिखा रहा है 

फिलहाल जिले में इस मुद्दे को लेकर नाराज़गी गहराती जा रही है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतज़ार कर रहे हैं।

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