रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी

महराजगंज, 30 मार्च 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 27 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस बदलाव के तहत 13 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को बदला गया है, जिसमें शाहजहांपुर, रामपुर, फिरोजाबाद, बहराइच और जालौन जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। सरकार का यह कदम पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में माना जा रहा है।
इस फेरबदल के अंतर्गत महराजगंज के पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना को रामपुर का नया एसपी नियुक्त किया गया है। वहीं, महराजगंज की कमान अब शक्ति मोहन अवस्थी को सौंपी गई है। नए एसपी के आगमन से जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं।
हालांकि, सोमेंद्र मीना के कार्यकाल को लेकर जिले में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आम चर्चा में यह बात प्रमुखता से उभरकर आई है कि उनके कार्यकाल के दौरान कई बार पुलिस व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठे। आरोप यह भी लगे कि कुछ मामलों में राजनीतिक दबाव के चलते निर्णय लिए गए, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर असर पड़ा।
जनचर्चाओं के अनुसार, थानों में अनुशासन और कानून व्यवस्था को लेकर अपेक्षित सख्ती नजर नहीं आई। कुछ घटनाओं में थानों के भीतर ही विवाद और मारपीट जैसी स्थितियां सामने आईं, जिन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की बातें कही गईं। इसके अलावा, पुलिस कर्मियों पर अनावश्यक दबाव बनाए जाने और थाने स्तर पर कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप के आरोप भी चर्चा में रहे।
हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आम जनमानस में यह धारणा बनी रही कि उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिल सका। इससे पुलिस के प्रति विश्वास में कमी देखने को मिली।
अब नए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के सामने सबसे बड़ी चुनौती जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना, पुलिस की छवि को सुधारना और आम जनता का भरोसा दोबारा कायम करना होगा। जनता को उम्मीद है कि नए नेतृत्व में पुलिस प्रशासन निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा।
इस प्रशासनिक बदलाव को जिले में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां कानून का राज स्थापित करने और आम नागरिकों को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की अपेक्षा की जा रही है।