रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी

महराजगंज जनपद के बागापार-महराजगंज मार्ग पर स्थित रामपुर बुजुर्ग में नहर पुलिया निर्माण को लेकर बड़े घोटाले के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती जा रही है और पुराने ढांचे को ही नया दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया के निर्माण में मानकों की खुलकर अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि पुरानी दीवारों को हटाने के बजाय उन पर गेरू और रंग-रोगन कर नया निर्माण दिखाने की कोशिश की जा रही है। ऊपर से मरम्मत कर इसे नया रूप दिया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में कोई ठोस निर्माण कार्य नहीं किया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि मौके पर काम कर रहे मजदूरों से पूछताछ में भी यह स्पष्ट हुआ कि केवल सतही काम कर पुराने ढांचे को छिपाया जा रहा है। इससे पहली नजर में पुलिया नई प्रतीत होती है, लेकिन अंदरूनी स्थिति पूरी तरह जर्जर बनी हुई है।

इस पूरे मामले में ठेकेदार और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों की मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य एक चर्चित फर्म के माध्यम से कराया जा रहा है, जिस पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं।

मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समाजसेवी उमेश चंद मिश्र, काशी प्रसाद, उदयराज यादव, राम सिंह और अली रजा सहित कई ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विरोध किया। उनका कहना है कि यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की लूट है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दृगपाल चौधरी, हरेन्द्र गौतम, प्रभुदयाल, सेराज आलम, पप्पू राव अंबेडकर और रमेश चौधरी समेत दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। फिलहाल विभागीय अधिकारियों की चुप्पी इस पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना रही है।