रिपोर्ट – सुर्य प्रकाश तिवारी
महराजगंज। जनपद में आंगनबाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वतंत्र पत्रकार मनोज कुमार तिवारी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद गोरखपुर मंडल के आयुक्त ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) महाराजगंज से विस्तृत आख्या तलब की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार किया गया है। बताया गया कि विभाग द्वारा अनंतिम चयन सूची प्रकाशित करने के बाद आपत्तियां आमंत्रित किए बिना ही अंतिम सूची जारी कर दी गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। इसके साथ ही “केंद्र विकल्प” के नाम पर लगभग 250 से 300 केंद्रों पर चयनित अभ्यर्थियों को प्रभावित करने का भी आरोप है।
प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया है कि बीपीएल और एपीएल श्रेणी में हेराफेरी कर पात्रता मानकों को दरकिनार किया गया। आरोप के अनुसार, बीपीएल कार्ड धारकों को एपीएल तथा एपीएल कार्ड धारकों को बीपीएल दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिससे पात्र अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में विभागीय अधिकारियों और तहसील प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
सबसे गंभीर आरोप नियुक्ति पत्र जारी करने को लेकर लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद केवल लगभग 10 प्रतिशत अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं, जबकि शेष चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र रोक कर कथित रूप से धनउगाही की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त गोरखपुर ने डीपीओ महाराजगंज से पूरी प्रक्रिया की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इससे जिले में हड़कंप मच गया है और संबंधित विभागों में हलचल तेज हो गई है।
अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि क्या आरोपों की पुष्टि होती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला प्रदेश स्तर पर बड़ी कार्रवाई का कारण बन सकता है।