महराजगंज जनपद के विकास खंड महराजगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत सराय खुटहा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराए जा रहे कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। एनएमएमएस (NMMS) ऐप के माध्यम से दर्ज की गई उपस्थिति और मौके की वास्तविक स्थिति के बीच बड़ा अंतर पाया गया है, जिससे सरकारी धन के गबन की आशंका और गहरी हो गई है।

प्राप्त विवरण के अनुसार ग्राम पंचायत सराय खुटहा में दिनांक 21 दिसंबर 2025 को दो संपर्क मार्गों के कार्य दर्शाए गए। पहला कार्य “PWD सड़क से बाबू के खेत तक संपर्क मार्ग” तथा दूसरा कार्य “रमेश के खेत से बलिकरन के खेत तक संपर्क मार्ग” के नाम से दर्ज है। इन दोनों कार्यों में कुल 11 मास्टर रोल दिखाए गए हैं, जिनमें लगभग 105 मानव दिवस (लेबर) की उपस्थिति दर्ज की गई है।
हालांकि, एनएमएमएस ऐप पर अपलोड की गई ग्रुप फोटो-1 और ग्रुप फोटो-2 में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि प्रत्येक कार्यस्थल पर महज 15 से 20 मजदूर ही मौजूद हैं। यानी वास्तविक श्रमिकों की संख्या और दर्ज की गई उपस्थिति में भारी अंतर है। सवाल यह उठता है कि जब मौके पर इतने कम मजदूर कार्य कर रहे थे, तो शेष 80–90 मजदूरों की उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की गई?

दोनों कार्यों की उपस्थिति ग्राम पंचायत स्तर से अख्तर अली द्वारा अपलोड की गई है। ऐसे में पंचायत स्तर पर कार्यरत जिम्मेदारों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में मोहन नामक जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, जिन पर पहले से भी मनरेगा में अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सराय खुटहा में मनरेगा भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।

मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार देना और पारदर्शिता के साथ विकास कार्य कराना है, लेकिन यहां योजना को कागजों और मोबाइल ऐप के सहारे लूट का जरिया बना दिया गया है। फोटो में कम मजदूर, लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज सैकड़ों मानव दिवस—यह स्थिति सीधे तौर पर सरकारी धन के गबन की ओर इशारा करती है।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो ऐसे फर्जीवाड़े मनरेगा की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करेंगे। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर कब शिकंजा कसता है।