महराजगंज में ग्राम पंचायत घुघली ब्लाक के ढेकही का बड़ा घोटाला: कागज़ों में ही हुआ विकास, लाखों का भुगतान!

रिपोर्ट -मनोज कुमार तिवारी 

महराजगंज जनपद के घुघली विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत ढेकही में वित्तीय अनियमितताओं का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण विकास कार्यों की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को भेजी गई शिकायत में ग्राम प्रधान, सचिव और संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत स्तर पर टेंडर प्रक्रिया का खुला दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर मनचाही फर्मों को चयनित किया गया और उन्हें बिना वास्तविक कार्य के भारी-भरकम भुगतान कर दिया गया। खास बात यह है कि जिन फर्मों को भुगतान दिखाया गया है, उनका जमीनी अस्तित्व तक संदिग्ध बताया जा रहा है।

 

सभी पेमेंट मां शारदा इंटर प्राइज पर कर दिया गया 

मामले में “माँ शारदा इंटरप्राइजेज” नामक फर्म का उल्लेख प्रमुख रूप से किया गया है, जिसे ईंट, सीमेंट, बालू, गिट्टी, सरिया, फोटोकॉपी और सफाई सामग्री जैसे मदों में कई तिथियों पर भुगतान किया गया। आरोप है कि यह सारा भुगतान सिर्फ कागज़ों में ही सीमित रहा और वास्तविक रूप से कोई सामग्री या कार्य नहीं हुआ। इससे स्पष्ट होता है कि सरकारी धन को योजनाबद्ध तरीके से भ्रष्टाचार किया गया।

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इसके अलावा, मनरेगा वर्ष 2022-23 से जुड़ा एक पुराना मामला भी इस प्रकरण को और गंभीर बना देता है। जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा पहले ही एक आदेश जारी कर अनियमितताओं की जांच और वसूली के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आज तक न तो कोई वसूली हुई और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई। यह प्रशासनिक लापरवाही या जानबूझकर मामले को दबाने की ओर इशारा करता है।

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप है कि इस पूरे खेल में ग्राम प्रधान, सचिव, मनरेगा कर्मी और ब्लॉक स्तर के अधिकारी तक शामिल हैं, जिससे भ्रष्टाचार का यह नेटवर्क और मजबूत हो गया है। कागज़ों में विकास दिखाकर वास्तविकता में धन का बंदरबांट किया जा रहा है।

अब सवाल यह उठता है कि जब जमीनी स्तर पर कोई कार्य हुआ ही नहीं, तो आखिर भुगतान किस आधार पर किया गया? क्या यह सब अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव है?

ग्रामीणों और शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके और जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

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