न्यूज रिपोर्ट – सुर्य प्रकाश तिवारी पर्दाफाश न्यूज़ 24 ×7
महराजगंज जनपद से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वतंत्र पत्रकार द्वारा मनरेगा योजना में कथित भ्रष्टाचार उजागर करने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दिए जाने और बाद में पुलिस विवेचना को कूटरचित व फर्जी बताए जाने का आरोप लगाया गया है। प्रकरण को लेकर अब उत्तर प्रदेश सतर्कता विभाग से उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकास खण्ड नौतनवां, जनपद महाराजगंज में मनरेगा योजना की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पत्रकार मनोज कुमार तिवारी ने अपने यू-ट्यूब चैनल “पर्दाफाश न्यूज-24×7”/फेसबुक एकाउंट के माध्यम से समाचार प्रकाशित किया था। आरोप है कि इस खबर से क्षुब्ध होकर संबंधित अधिकारी रेनू सिंह के पुत्र ने मोबाइल फोन के माध्यम से पत्रकार को जान से मारने की धमकी दी और खबर हटाने का दबाव बनाया।

इस संबंध में पीड़ित पत्रकार द्वारा दिनांक 23 सितंबर 2025 को आईजीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई, जिसकी संदर्भ संख्या 40018725023525 है। शिकायत की जांच थाना कोठीभार, जनपद महाराजगंज के प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के अधीनस्थ उपनिरीक्षक को सौंपी गई। लेकिन आरोप है कि जांच के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई और किसी अन्य पुराने प्रकरण से संबंधित फोटो व तथ्यों को जोड़कर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जांच रिपोर्ट में प्रयुक्त दस्तावेज व फोटो कूटरचित हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराए जाने पर सच्चाई स्वतः उजागर हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रभारी निरीक्षक पर प्रभाव में आकर कार्य करने और व्यक्तिगत संबंधों के कारण जांच को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले को गंभीर बताते हुए पत्रकार ने आशंका जताई है कि उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। इसी क्रम में उन्होंने अपर मुख्य सचिव (गृह/सतर्कता), उत्तर प्रदेश शासन से पूरे प्रकरण की सतर्कता जांच कराने की मांग की है।
अब देखना यह है कि सतर्कता विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या कथित फर्जी विवेचना व धमकी प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो पाती है या नहीं।