वन माफिया या वन अधिकारी? महराजगंज में साखू कटान कांड ने खोली विभागीय साठगांठ की पोल

ब्यूरो महराजगंज – रविन्द्र मिश्र 

महराजगंज
जनपद महराजगंज के सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत लक्ष्मीपुर रेंज से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि लक्ष्मीपुर रेंज के एकमा वन विश्राम गृह पर तैनात उप प्रभागीय वनाधिकारी सतेन्द्र कुमार सिंह के निर्देश पर अचलगढ़ बीट में 12 जनवरी 2026 की रात्रि एक मोटा साखू का पेड़ अवैध रूप से कटवाया गया। इस कार्य में वन दरोगा आलोक मिश्रा एवं वनरक्षक राजू वर्मा पर दबाव बनाकर उन्हें शामिल किया गया।

सूत्रों के अनुसार कटे हुए साखू के पेड़ को फर्नीचर व्यवसायी के यहां चिरान कराकर क्षेत्र से बाहर भेज दिया गया। जब इस अवैध कटान की सूचना प्रभागीय वनाधिकारी सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग को मिली, तो उन्होंने वन सुरक्षा टीम को तत्काल लक्ष्मीपुर रेंज में छापेमारी के लिए भेजा। आरोप है कि वन सुरक्षा टीम के पहुंचने से पहले ही उप प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा कटे हुए साखू के पेड़ को गायब करा दिया गया तथा पेड़ के बूट (जड़) को खुदवाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।

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हालांकि वन सुरक्षा टीम की गहन जांच के दौरान मिट्टी में दबा हुआ बूट बरामद कर लिया गया, जिसकी सूचना प्रभागीय वनाधिकारी महराजगंज को दी गई। पूछताछ में अचलगढ़ बीट के सेक्शन प्रभारी एवं बीट प्रभारी ने अवैध कटान की बात स्वीकार करते हुए इसे उप प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देश पर किया जाना बताया। इस पूरे प्रकरण का वीडियो एवं फोटो पत्रकारों द्वारा भी प्रकाशित किया गया।

इसके बावजूद घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना विभागीय संरक्षण और मिलीभगत की ओर इशारा करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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